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Saturday, 21 July 2012

यह मर्दों की जात, नहीं अब पहले जैसी : इस ब्लॉग की 50 वीं पोस्ट


प्रगतिशील नारी खड़ी, पति से हुआ विवाद ।
पर पुत्री की दुर्दशा, हो तलाक के बाद ।

हो तलाक के बाद, साथ माँ के न जाये ।
भाय पिता का साथ, पुलिस चौकी ले आये ।

बेटी मानो बात, पिता की ऐसी-तैसी ।
यह मर्दों की जात, नहीं अब पहले जैसी ।।


7 comments:

  1. कोई भी अब पहले जैसा कहां है जनाब ?
    सही सलाह !

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  2. आपकी उमर और पोस्ट का पचासा मुबारक हो !

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  3. नहीं अब पहले जैसी,रही नारी जहान में
    जी अंधकार में सोचे सुख होगा विहान में

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  4. beautiful poem
    congrats for half century.

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  5. बहुत बढ़िया तरीके से रखा आपने एक सामाजिक मुद्दे को हास्य व्यंग्य परिहास में बातों बातों में ...

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