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Sunday, 19 January 2014

खतरे से खिलवाड़ पर, कारण दिखे अनेक-

Monday, 13 January 2014


रविकर ले हित-साध, आप मत डर खतरे से-

खतरे से खिलवाड़ पर, कारण दिखे अनेक |
थूक थूक कर चाटना, घुटने देना टेक |

घुटने देना टेक, अगर हो जाए हमला |
होवे आप शहीद, जुबाँ पर जालिम जुमला |

भाजप का अपराध, उसी पर कालिख लेसे |
रविकर ले हित-साध, आप मत डर खतरे से ||

9 comments:

  1. अच्छा लपेटा है जी ..

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  2. बढ़िया....महोदय....

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  3. क्या बात है :)

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  4. आप भी निशाना भी अचूक है - और तीरों की कमी नहीं तरकश में !

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  5. बेहतरीन प्रस्तुति

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  6. थूक थूक कर चाटना, घुटने देना टेक

    sahii baat he...tamaashaa hr roz..har aur

    bahut dino baad aayi...aake aapki rchnaa pdhi

    bahut khoob take care

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  7. शुक्रिया रविकर भाई।

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  8. बहुत खूब रविकर भाई ..अच्छी पटखनी ..
    भ्रमर ५

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