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Monday, 18 February 2013

इटली का व्यापार, लगा अब नहीं छुपाने -

नहीं छुपाने को बचा, कुछ भी मौनी पास । 
बेमतलब हुडदंग है, चॉपर उड़ आकाश । 

चॉपर उड़ आकाश, पोल सारी ही खोले ।  
सारा अखराजात, जांच एजेंसी ढोले । 

हैं मामे बदजात, लगे हैं बहुत सताने । 
इटली का व्यापार, लगा अब नहीं छुपाने । 

राजनैतिक कुण्डलिया : रहे "मुखर-जी" सदा ही, नहीं रहे मन मौन

रविकर
रहे "मुखर-जी" सदा ही, नहीं रहे मन मौन ।
आतंकी फांसी चढ़े, होय दुष्टता *दौन ।
होय दुष्टता *दौन, फटाफट करे फैसले ।
तभी सकेंगे रोक, सदन पर होते हमले ।
कायरता की देन, दिखा सत्ता खुदगर्जी ।
बना "सॉफ्ट-स्टेट",  सॉफ्ट ना रहे "मुखर्जी"।।
*दमन

5 comments:

  1. वाह ... चुटीली कड़क ... मज़ा आ गया दिनेश जी ...

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  2. बहुत सुन्दर रविकर जी
    latestpost पिंजड़े की पंछी

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  3. चापर हो चाहे वोफोर्स सब जगह दलाली,सब चोर बैठे है हमारे सर पर.

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  4. चीन सम्हाले पाक का, ग्वादर बन्दरगाह ।
    घेर रहा है हिन्द को ,चीन समुद्र की राह।
    चीन समुद्री की राह ,चाल चलता रे घाती।.
    चढ़ आया नापाक, मूंग दलने को छाती ।
    कहते सुन लोकेश ,पकड़ लो राह स्वदेशी ।
    ड्रैगन का आतंक ,है घातक दुष्ट पड़ोसी ।

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  5. Italy ki luteri nigaah ham par hai!

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